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एके-47 लूट प्रकरण: 13 वर्ष बाद भी पुलिस खाली हाथ!

लूटी गई राइफल को बरामद नहीं कर पाई पुलिस टीमें

एके-47 लूट प्रकरण: 13 वर्ष बाद भी पुलिस खाली हाथ!

 

लूटी गई राइफल को बरामद नहीं कर पाई पुलिस टीमे

 

-23 अप्रैल 2013 को देवबंद में हुआ था बवाल

 

 

सरकार की भी एजेंसी हुई फेल

 

 

देवबंद। संवाददाता

 

देवबंद में वर्ष 2013 में फल विक्रेता अफजाल की मौत के बाद उपद्रवियों द्वारा बवाल कर एसपी देहात पर हमला कर उनके गनर से एके-47 लूटने के मामले में पुलिस और सरकार सभी एजेंसियां 13 वर्ष बाद भी खाली हाथ नजर आ रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी तो हुई लेकिन पुलिस आज भी खाली हाथ है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि लूटी गई एके-47 राइफल आखिर गई कहां?

 

पूर्व में पुलिस करीब दर्जनभर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिसमें काफी लोग अदालत से बरी भी हो चुके हैं, लेकिन आज तक लूटी गई एके-47 का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

बता दें कि 23 अप्रैल 2013 को पुलिस अतिक्रमण हटवा रही थी। इसी दौरान एमबीडी चौक के समीप रेहड़ी पर फल बेच रहे मोहल्ला नेचलगढ़ निवासी अफजाल की मौत हो गई थी। लोगों ने आरोप लगाया था कि पुलिस का डंडा लगने से उसकी मौत हुई है। जिसको लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने अफजाल के शव को सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। जाम लगाए जाने की सूचना पर तत्कालीन एसपी देहात डॉ. अनिल कुमार मिश्र भारी पुलिस फोर्स के साथ स्थिति को नियंत्रण करने देवबंद पहुंचे तो उपद्रवियों ने उन पर हमला बोल दिया। जबकि उनके गनर संदीप राघव से एके-47 लूट ली गई थी। इस दौरान उपद्रवियों ने नागल एसओ की गाड़ी समेत लोकनिर्माण अतिथिगृह में आगजनी भी की थी।

घटना को 13 वर्ष गुजर जाने के बाद भी पुलिस एके-47 का सुराग नहीं लगा सकी। लेकिन पुलिस पूर्व में मामले में नामजद लोगों में से दर्जनभर लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिसमें से काफी अदालत से बरी हो चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री ने एटीएस और क्राइम ब्रांच को सौंपी थी जांच

 

बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख विकास त्यागी की शिकायत पर प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रकरण की जांच एटीएस और क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। लेकिन 8 साल बाद भी पुलिस गिरफ्तारियां तो आरोपियों की लगातार करती रही, लेकिन सबसे बड़ा मुद्दा एके-47 राइफल आज तक भी बरामद नहीं कर पाई। जिसका परिणाम स्वरूप आरोपियों को कोर्ट से पूरे प्रकरण में जमानत मिल रही है। क्योंकि पुलिस कोर्ट के अंदर ठोस सबूत नहीं दे पाती साथी लूटी गई एके-47 राइफल को भी बरामद नहीं कर पाई। शायद अगर पुलिस की टीमें एके-47 राइफल को बरामद कर लेती तो आरोपियों को कोर्ट से जमानत भी ना मिल पाती।

 

 

प्रशांत त्यागी

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