*दो दिन… दो हमले… दहशत में छात्र: क्या नागल की सड़कों पर असामाजिक तत्वों का बढ़ रहा है खौफ?*
लगातार घटनाओं से कानून व्यवस्था पर उठे सवाल,

*दो दिन… दो हमले… दहशत में छात्र: क्या नागल की सड़कों पर असामाजिक तत्वों का बढ़ रहा है खौफ?*
लगातार घटनाओं से कानून व्यवस्था पर उठे सवाल,
नशे के कारोबार और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी
*एसएसपी बोले— माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई*
नागल । संवाददाता
थाना नागल क्षेत्र में पिछले दो दिनों के भीतर छात्रों से जुड़ी दो मारपीट की घटनाओं ने स्थानीय लोगों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में चिंता बढ़ा दी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद क्षेत्र की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम छात्रों को निशाना बना रहे हैं। आरोप है कि 8 से 10 युवकों का एक समूह छात्रों के साथ मारपीट की घटनाओं को अंजाम देता है। कुछ दिन पहले नागल के ब्लॉक अड्डे पर खड़े कक्षा 12 के एक छात्र के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की गई थी। इसके बाद सोमवार को एक अन्य छात्र के साथ भी मारपीट की घटना सामने आई। इन घटनाओं के बाद छात्र और उनके अभिभावक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का यह भी आरोप है कि कस्बे में नशे का अवैध कारोबार युवाओं को प्रभावित कर रहा है। उनका कहना है कि कई छात्र स्कूल जाने के बजाय नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे विवाद और हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बढ़ रहे हैं।
उधर, सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। नशा तस्करों और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश संबंधित थाना पुलिस को दिए गए हैं।
अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो छात्रों की सुरक्षा और क्षेत्र की कानून व्यवस्था दोनों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।
*रिपोर्ट प्रशांत त्यागी*




