देवबंद में कुख्यात भूमाफिया के सामने बेबस प्रशासन, दरखती पीड़ितों की इंसाफ की उम्मीद…..
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश भी नहीं चलता यहां? उठ रहे हैं बड़े सवाल......

देवबंद में कुख्यात भूमाफिया के सामने बेबस प्रशासन, दरखती पीड़ितों की इंसाफ की उम्मीद…..
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश भी नहीं चलता यहां? उठ रहे हैं बड़े सवाल……
चर्चित कुख्यात भू माफिया का सुरक्षा कवच बना प्रशासन
हजारों करोड़ की सरकारी भूमि पर कब्जा कर अर्जित की हजारों करोड़ की संपत्ति
निष्पक्ष खबर, देवबंद।
देवबंद की सरकारी और गरीब लोगों की भूमि पर जबरन कब्जा कर हजारों करोड रुपए की संपत्ति अर्जित करने वाले एक चर्चित कुख्यात भू माफिया कोई स्थानीय प्रशासन और सफेदपोश नेताओं द्वारा खुले आम संरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माफिया विरोधी अभियान को यहां का प्रशासन है पलीता लगा रहा है।
परिणाम स्वरूप पीड़ित और गरीब लोग यहां पर अपने जमीन खाली करने के लिए दरबदर भटक रहे हैं लेकिन स्थानीय प्रशासन कार्रवाई के बजाए भूमाफिया सुरक्षा कवच बनकर काम कर रहा है। सूत्रों की माने तो देवबंद इस भूमाफिया ने लगभग सैकड़ो बीघा सरकारी जमीन और गरीब लोगों की निजी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। एक जमाने में तो जमीन पर कब्जा करने के लिए आरोपी ने दिनदहाड़े खुलेआम एक व्यक्ति की हत्या भी की थी। लेकिन पूर्व की सरकारों के पोषित इस माफिया ने अब भाजपा सरकार के कुछ स्थानीय नेताओं के संरक्षण में फिर लोगों की जमीनों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है। देवबंद के तल्हेड़ी चुंगी स्थित एक बड़ा तालाब था जो सरकारी था उसे तालाब पर भी पूरी तरीके से कब्जा कर चारों ओर बड़ी मार्केट खड़ी कर दी गई है। इतना ही नहीं जब भी इसके खिलाफ कोई व्यक्ति आवाज उठाने की कोशिश करता है तो स्थानीय प्रशासन इसका सुरक्षा कवच बनाकर पूरी मजबूती के साथ इस भूमाफिया का साथ देता है। हाल ही में ही इस चर्चित कुख्यात भूमाफिया से पीड़ित दो लोग अपनी जमीनों पर काम करने पहुंचे तो फिर से स्थानीय प्रशासन इस भू माफिया का सुरक्षा कवच बनकर सामने आया और हाई कोर्ट के आदेश होने के बावजूद भी पीड़ित को ही धमकाते हुए कहा कि दो दिन बाद आकर अपनी बात रखना यह वाक्य एक अकेले पीड़ित के साथ नहीं बल्कि हर उसे पीड़ित के साथ होता है जो इस भू माफिया से अपनी जमीन लेने का प्रयास करता है। अब देखना है कि प्रशासन कब तक इस चर्चित कुख्यात भू माफिया को बचाने का काम करता है यह आने वाला व्यक्ति बताया? लेकिन आम जनता के मुंह पर सवाल एक ही है की देवबंद में योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर आखिर क्यों नहीं चलता?
पीड़ित को ही करा दिया जाता है गायब
इतना ही नहीं किसी को पुलिस के माध्यम से तो किसी को कोर्ट के माध्यम से दबाया और धमकाया जाता है, अगर इसके बाद भी पीड़ित नहीं माना तो फिर उसकी हत्या होती है या उसको गायब करा दिया जाता है।
पिता थे राजस्व लेखपाल, चिन्हित कर कब्जा ली गई सरकारी जमीनें
सूत्रों की माने तो देवबंद में इस कुख्यात चर्चित भूमाफिया ने तल्हेड़ी चुंगी स्थित सरकारी तालाब, वक्फ की भूमि, इसके अलावा बहुत सी सरकारी जमीन कब्जा जा रखी हैं। जिसके पीछे बताया जाता है कि इसके पिता कभी देवबंद तहसील में लेखपाल हुआ करते थे। इस वजह से सरकारी जमीन ने चिन्हित कर इसके द्वारा बड़े आराम से ही कब्जा कर लिया गया।
…… तो स्थानीय नेताओं का संरक्षण बना सुरक्षा कवच
सूत्रों की माने तो स्थानीय प्रशासन इस
व्यक्ति को खुले आम संरक्षण देता है। प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में अच्छी खासी पैठ होने के चलते इस माफिया को प्रशासन की ओर से सुरक्षा कोष दिया जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बड़े नेताओं से नजदीकी होने के चलते प्रशासन भी इस पर हाथ डालने से बचता है।
रिपोर्ट प्रशांत त्यागी



