मरता किसान’ टूटती आस’ बेरहम हुआ बजाज शुगर मिल*
गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक तंगी से गुजर रहे है किसान परिवार

*मरता किसान’ टूटती आस’ बेरहम हुआ बजाज शुगर मिल*
-गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक तंगी से गुजर रहे है किसान परिवार
-आर्थिक समस्या के चलते किसान नहीं कर पा रहे हैं घरेलू वस्तुओं की खरीद
-पेराई सत्र 2022 में गन्ना भुगतान की दर हुई शून्य
-बजाज शुगर मिल के किसानों में भारी आक्रोश
प्रशांत त्यागी, सहारनपुर। संवाददाता
जिले के 20 हजार गन्ना किसान परिवार चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से शीघ्र गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की मांग की है।
नागल की बजाज शुगर मिल द्वारा नवीन वर्ष की पेराई सत्र में एक माह काा भी ही गन्ना भुगतान नहीं किया गया है। जिस कारण 20 हजार परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। भुगतान न होने से किसानों को अपने परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा है। बसेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार, हरीश कुमार, खटोली के आदेश कुमार, तहसीन प्रधान, नगली मेहनाज के आजाद कुमार, राकेश कुमार, पिरड़ के ओमपाल आदि किसानों ने बताया कि बजाज शुगर मिल द्वारा इस पेराई सत्र में एक भी दिन का ही भुगतान नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप वह घर के लिए आवश्यक वस्तुएं, कीटनाशक दवाइयां व खाद समेत अन्य सामान नहीं खरीद पा रहे हैं। किसानों ने सरकार से तत्काल गन्ना भुगतान कराने और बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। क्षेत्र के किसानों में नागल की बजाज शुगर मिल के खिलाफ भारी रोष बना हुआ है।
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-बजाज शुगर मिल के खिलाफ की कार्रवाई
नागल क्षेत्र के किसान जहां बजाज शुगर मिल द्वारा गन्ना भुगतान न होने से आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं । वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग का बैंकों द्वारा किसानों की आरसी काटी जा रही है जिसके चलते अब तक नलकूपों के कनेक्शन विद्युत निगम द्वारा काट दिए गए हैं किसानों का आरोप है कि सरकार चीनी मिल के ऊपर तो कोई दबाव नहीं बना रही है उल्टा उनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई की जा रही है।
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-वर्ज़न….
गन्ना भुगतान कराने के लिए चीनी मिल को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जबकि जिले की अन्य चीनी मिलों द्वारा 85 से 90 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया गया है।
*सुशील कुमार, डीसीओ सहारनपुर।*
प्रशांत त्यागी




