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नागल में मुस्लिम भूमाफियाओं से पीड़ित बोला: सीएम साहब मैं दलित हूं मुझे इंसाफ दीजिए……

मुस्लिम भूमाफिया ने रातों-रात दलित की जमीन से काटे 20 लाख रुपए के पेड़ 

नागल में मुस्लिम भूमाफियाओं से पीड़ित बोला: सीएम साहब मैं दलित हूं मुझे इंसाफ दीजिए…….

 

मुस्लिम भूमाफिया ने रातों-रात दलित की जमीन से काटे 20 लाख रुपए के पेड़ 

 

पीड़ित जनरैल सिंह ने वर्ष 2020 में नागल में खरीदी थी जमीन 

 

बेख़ौफ़ भूमाफिया ने रातों-रात दे दिया बड़ी घटना को अंजाम

 

 

निष्पक्ष खबर, संवाददाता

बांग्लादेश के बाद यूपी के सहारनपुर में मुस्लिम बहुल इलाकों में दलितों के साथ उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नागल कस्बे से सटे मीरपुर मोहनपुर पांडोली सीमा के क्षेत्र दलित की जमीन पर खड़े 20 लाख रुपए के पेड़ भू माफिया ने रातों-रात साफ कर दिए। दलित समाज के लोगों का आरोप है कि यहां मुस्लिम समाज के लोग हमें अपने खेतों तक भी नहीं जाने देते। जबरन जमीन को खरीदने का दबाव बनाते हैं, मना करने पर उनका शोषण किया जाता है और बांग्लादेश की तरह जिंदा जलाने की धमकी दी जाती है। 

हरियाणा के जनपद यमुनानगर के जगाधरी कस्बा निवासी जरनैल सिंह वर्ष 2017 से 20 तक कस्बा नगर में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे। दलित समाज से जुड़े जनरैल सिंह ने अपनी मेहनत की पूंजी और कुछ बैंक से कर्ज उठाकर मुस्लिम बहुलक्षेत्र के पांडोली गांव में 33 बीघा जमीन खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद दाखिल खारिज तक भी हो चुका था। लेकिन इसी गांव का एक दबंग प्रवृत्ति का भूमाफिया दलित समाज के जनरल सिंह की जमीन पर गलत नियत रखने लगा और जनरल सिंह को पहले तो प्रलोभन दिया गया जमीन बेचने के लिए लेकिन इनकार करने पर फिर धमकी दी जाने लगी किया तो जमीन हमें भेज दो वरना तुम्हें क्षेत्र में नहीं घुसने देंगे। स्थिति ऐसी हो गई की जरनैल सिंह डर और दहशत की वजह से अपने खेत पर भी नहीं आते थे। इसी डर और भय आतंक के चलते वर्ष 2020 में जनरैल सिंह द्वारा अपने खेत पॉपुलर की खेती लगा दी। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनकी मेहनत की कमाई को एजाज उर्फ़ राणा नाम के तथाकथित एक दबंग भूमाफिया अपनी दबंगई के बल पर उनकी लगाई फसल को काट लेंगे। 5 साल की मेहनत से तैयार की गई फसल को जबरन काट लिया गया। पीड़ित जनरैल सिंह के मुताबिक आरोपित एजाज़ उर्फ राणा ने बीती रात्रि रातों-रात जमीन पर खड़े 20 लाख रुपए के पेड़ गायब कर दिए। जिसकी खबर स्थानीय प्रशासन तक को भी कानों कान नहीं हुई। सुबह जब जरनैल सिंह को पूरे मामले की जानकारी हुई तो वह अपने परिवार के लोगों के साथ खेत पर पहुंचे और खेत पर फसल को गायब देख फूट फूट कर रोने लगे। पीड़ित दलित समाज के व्यक्ति ने आरोपी के खिलाफ थाना नागल में कार्रवाई के लिए तहरीर दी। शरीर के आधार पर थाना नगर प्रभारी राजकुमार चौहान पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने देखा कि खेत के आसपास शराब की बोतल पड़ी है और पेट्रोल से भरी एक बोतल भी। इसका प्रयोग पेड़ काटने के लिए किया गया। थाना प्रभारी राजकुमार चौहान के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। दबंग या भू माफिया किस्म के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

 

 

 *दलित समाज के लोगों से रंगदारी वसूलता है आरोपित: जरनैल सिंह* 

 

 पीड़ित जनरैल सिंह के मुताबिक दबंग भूमाफिया ‌और‌ लैंड जिहाद से जुड़े एजाज और उर्फ राणा से आतंक से इतना परेशान था कि उसकी धमकी और दबंगई से बचने के लिए एक लाख रुपए की रंगदारी तक भी एजाज को दे चुका था। लेकिन इसके बावजूद भी वह उसे लगातार परेशान कर रहा है। पीड़ित ने राजस्व विभाग के एक लेखपाल पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे संबंधित लेखपाल द्वारा पूरे मामले में 2 लाख रुपए की मांग की गई। लेकिन उसकी कहीं भी नहीं सुनी गई। उसके द्वारा खरीदी गई जमीन जिसका दाखिल खारिज हो चुका है उसे पेड़ तक भी नहीं काटने दिए गए। लैंड माफिया और जिहादी मानसिकता के लोगों ने उसकी जमकर शोषण किया। दलित होने की सजा दी गई।

 

 

 *नागल क्षेत्र के कुछ मुस्लिम बहुल गांव बने मिनी पाकिस्तान* 

 

 

सूत्रों का दावा है कि नागल क्षेत्र के मुस्लिम बहुल गांव नन्हेड़ा,‌ पंडोली समेत एक दर्जन से अधिक गांव है, जो मिनी पाकिस्तान का रूप ले चुके हैं। यहां हिंदू आबादी न के बराबर है। जो दलित और पिछड़े समाज के लोग यहां रहते हैं वह दबी जुबान में बताते हैं उनके साथ धार्मिक आधार पर भेदभाव होता है और उनको परेशान किया जाता है। इतना ही नहीं कुछ लोग तो क्षेत्र से पलायन भी कर चुके हैं। विगत 10 साल के अंतराल में यहां की डेमोग्राफी तक बदल चुकी है। जिसके चलते यहां रहने वाले हिंदू समाज के लोग या तो गांव छोड़कर चले गए हैं या अपनी प्रॉपर्टी को कम पैसों में ही बेचकर भाग गए। जनरैल सिंह को भी इसी तरह परेशान कियाजा रहा है। यह पहला मामला नहीं है यहां पहले भी इस तरीके के उत्पीड़न और मारपीट के कई मामले आ चुके हैं।

 

वर्जन…

 

पूरे प्रकरण में गंभीरता के साथ जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

 *अभितेष सिंह, सीओ देवबंद।* 

 

रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

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