देश

खटौली ग्राम पंचायत के ग्रामीण बोले: किसी भी सूरत में नहीं आने देंगे तालाब में दूसरे गांव का पानी

सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा शिकायती पत्र

तालाब प्रकरण…

 

खटौली ग्राम पंचायत के ग्रामीण बोले: किसी भी सूरत में नहीं आने देंगे तालाब में दूसरे गांव का पानी

 

सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा शिकायती पत्र

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का दिया हवाला

 

देवबंद। संवाददाता

 

तहसील क्षेत्र के गांव खटौली में तालाब की भूमि में पानी दूसरे गांव का छोड़ने को लेकर हुआ विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ग्राम पंचायत के लोगों ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज कर कुछ लोगों पर क्षेत्र में जातीय तनाव और उन्माद फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक किसी भी दूसरे गांव का पानी दूसरे गांव के तालाब में नहीं छोड़ा जा सकता।

 

खटौली ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान अनुराधा, प्रशांत त्यागी, विजेंद्र त्यागी, प्रमोद त्यागी, सचिन त्यागी, पूर्व ग्राम प्रधान विपिन राठौर, पूर्व ग्राम प्रधान हरीश त्यागी, पूर्व प्रधान जमील अहमद, तहसीन अहमद आदि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि ग्राम पंचायत खटौली में खसरा नंबर 160 जोकि नवीन प्रति की भूमि है, इसी के बराबर में तालाब की भूमि भी है। उक्त तालाब और भूमि खटौली ग्राम पंचायत व नगली मेहनाज ग्राम पंचायत के बॉर्डर पर स्थित है। खटौली ग्राम पंचायत में मात्र दो तालाब होने के चलते बरसात के समय में तालाबों के ओवरफ्लो होने के कारण लोगों के घरों में पानी भर जाता है और गंदगी युक्त पानी होने से गांव में बीमारी फैल जाती है। परिणाम स्वरूप आज भी गांव में गंदा पानी होने के चलते काफी लोग बीमार हैं। आरोप है कि नगली मेहनाज के ग्राम प्रधान पति सुंदर, नरेश, काला आदि लोगों द्वारा खटोली गांव के तालाब में जबरन पानी डालना चाहते हैं। जबकि नगली मेहनाज की ग्राम पंचायत में पहले से ही तीन तालाब मौजूद हैं और सभी खाली हैं। इन तीनों तालाबों में गांव का पानी आराम से पहुंच सकता है। लेकिन दबंगई और बदमाशी के दम पर उक्त लोग क्षेत्र में जातीय सामाजिक तनाव पैदा कर रहे हैं। क्योंकि खटौली ग्राम पंचायत के लोग नगली मेहनाज ग्राम पंचायत के पानी खटौली ग्राम पंचायत के तालाब में पहुंचने का भारी विरोध कर रहे हैं। इससे गांव के प्राथमिक विद्यालय की दीवार भी विगत दिनों पानी के चलते गिर गई थी और तालाब के समीप रखें गांव के देवी देवता व मां काली का मंदिर भी खंडित हो गया था। ऐसे में सनातन धर्म की आस्था और गांव की सुरक्षा व्यवस्था को चलते खटौली ग्राम पंचायत में नगली मेहनाज का तालाब में पानी आना अनुचित है। ग्रामीणों के मुताबिक कानूनी रूप और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार भी किसी भी दूसरी पंचायत का अपनी दूसरी पंचायत के तालाब में नहीं छोड़ा जा सकता है। पर्यावरण और भौतिक और जलवायु संरक्षण अधिनियम के तहत भी गांव की शरद या तालाब में दूसरे गांव का पानी नहीं भेजा जा सकता। ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से नगली मेहनाज के पानी को खटौली ग्राम पंचायत के तालाब में आने से रोके जाने की मांग की है।

 

वर्जन….

 

खटौली ग्राम पंचायत की ओर से मिले शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पूरे प्रकरण में नियम और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

 

*युवराज सिंह, एसडीएम देवबंद*

 

प्रशांत त्यागी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!