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देवबंद में फैले हवाला के कारोबार से एक दशक में कैसे अरबपति बन गए कुछ सफेदपोश माफिया

विदेशी फंडिंग और ट्रस्ट के जरिए चल रहा है हवाला का काला कारोबार

देवबंद में फैले हवाला के कारोबार से एक दशक में कैसे अरबपति बन गए कुछ सफेदपोश माफिया 

 

एक दशक से पहले जो करते थे, अचानक खड़ी कर ली अचूक संपत्ति

 

विदेशी फंडिंग और ट्रस्ट के जरिए चल रहा है हवाला का काला कारोबार

 

शिकायतों के बावजूद भी नहीं हो पाती कोई कार्रवाई

 

 

*प्रशांत त्यागी, देवबंद।*

 

देवबंद में फैले हवाला के काले कारोबार से एक दशक में ही कुछ सफेदपोश माफियाओं ने अचूक संपत्ति का किला खड़ा कर लिया है। ट्रस्ट और एनजीओ के माध्यम से विदेशी फंडिंग देवबंद पहुंच रही है। विदेशी फंडिंग से मिलने वाला पैसा जमीन की खरीद-फरोख्त मैं लगाया जाता है। खुफिया जानसन के पास इनपुट तो है लेकिन कार्रवाई के ऊपर से आदेश अब तक नहीं है। सूत्रों का दावा है कि हाल ही में ही खुफिया एजेंसी ने सहारनपुर जिले से 26 ऐसे एनजीओ के नाम शासन को भेजे थे जिन में हवाला या विदेशी फंडिंग आने की पुख्ता जानकारी थी, उक्त सभी अकाउंट अलग-अलग ट्रस्ट के नाम से खोले गए हैं। सूत्रों का दावा है की कुछ स्थानों पर तो हवाला का पैसा मदरसे और धार्मिक स्थलों के निर्माण के नाम पर विदेश से खातों में डाला जाता है। लेकिन इस पेज को फिर जमीन की खरीद फरोख्त में लगाया जाता है, और काले धन को सफेद धन में परिवर्तित किया जाता है। ब्लैक से वाइट मनी का यह खेल बड़ी ही होशियारी से सफेदपोश लोग खेलते हैं। देवबंद की बात करें तो यहां चारों ओर जिस प्रकार से अवैध कालोनिया काटी जा रही हैं कुछ स्थानों पर बिना नक्शे के ही कॉलोनी काट दी गई तो कुछ स्थानों पर जमीन की धारा 80 तक भी नहीं कराई गई है। आरोप है कि अवैध कॉलोनी बनाकर लोगों को बसाया जा रहा है। कॉलोनी में कौन लोग रह रहे हैं कहां से संबंध रखते हैं इसकी जानकारी ना तो स्थानीय पुलिस को है और ना ही नगर पालिका को है ना ही पुलिस प्रशासन को।

 

*एक कागज पर साइन करते ही किसान के हाथ में थमा दिए जाते हैं करोड़ों रुपए*

 

लेकिन जिस प्रकार से देवबंद में अवैध कॉलोनी की बाढ़ आई है साफ-साफ अंदेशा है कि इस पूरे खेल में हवाला का पैसा लगाया गया है। महज एक कागज पर ही जिसकी कोई सरकारी वैल्यू नहीं है एक से दो-दो करोड रुपए किसानों को दिए जाते हैं। फिर उनके नाम से ही लोगों के नाम बैनामे कराए जाते हैं। पूरे इस खेल में किसान के नाम से बैनामें में

होते हैं, जबकि सफेदपोश भूमाफिया आराम से बच जाते हैं।

 

 

*देवबंद से लेकर नागल तक फैला हवाला का काला कारोबार*

 

 

देवबंद की बात करें तो यहां जिस प्रकार से जमीन के भाव आसमान छू रहे हैं उसके पीछे हवाला के पैसे का ही करिश्मा है। देवबंद से लेकर तल्हेडी बुजुर्ग और नागल तक स्टेट हाईवे पर जितनी भी जमीन हैं सब हवाला कारोबारी खरीद चुके हैं। धड़ल्ले से बिना नक्शे के ही कालोनी काटी जा रही है। लेकिन प्रशासन जांच और कार्रवाई के नाम पर चुप है?

 

प्रशांत त्यागी

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