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भाजपा जिला अध्यक्ष और राज्य मंत्री के गढ़ में कैसे कट गई 14 प्रतिशत वोट?

एस आई आर सर्वे में देवबंद से 52000 वोट काटने का दावा, कमजोर संगठन बना वजह

*एसआइआर प्रकिया……*

 

भाजपा जिला अध्यक्ष और राज्य मंत्री के गढ़ में कैसे कट गई 14 प्रतिशत वोट?

एस आई आर सर्वे में देवबंद से 52000 वोट काटने का दावा, कमजोर संगठन बना वजह

 

सीएम योगी आदित्यनाथ भी देवबंद को लेकर है नाराज, कौन लेगा अब जिम्मेदारी?

 

 

निष्पक्ष खबर, देवबंद।

 

सूत्रों का दावा है कि एस आई आर सर्वे में देवबंद विधानसभा क्षेत्र का 14 से 15% वोट प्रभावित हुआ है। देवबंद विधानसभा में 3 लाख 49 हजार मतदाता है। यानी कहां जाए तो करीब 52 से 53 हजार मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। सूत्रों का दावा है की देवबंद में भाजपा का गढ़ होने के बावजूद भी यहां पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता से लेकर मंडल अध्यक्ष तक निष्क्रिय रहे। क्योंकि जिस प्रकार खासकर की हिंदू बहुल क्षेत्र जो भाजपा के गढ़ कहे जाते हैं वहां मतदाताओं का इस प्रक्रिया में गंभीरता के साथ भागना लेना और वोट शिफ्टिंग होना भाजपा के लिए आने वाले समय में अच्छा संकेत नहीं है। सहारनपुर में भाजपा के जिला अध्यक्ष का पैतृक शहर है डॉक्टर महेंद्र सैनी राज्य मंत्री बृजेश सिंह देवबंद विधानसभा के ही मूल निवासी हैं जिनके पीछे कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज है लेकिन वह कार्य करता अपने-अपने बूथ तक निष्क्रिय नजर आए। ज्यादातर पार्टी के कार्यकर्ता और संगठन के बड़े नेता शांत रहे और इस प्रक्रिया से दूरी बनाए रखें रहे। जब कुछ बड़े नेताओं से हमने बात की तो उनका दावा था कि सत्ता के बाद से उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है उनकी कोई पार्टी में सुनवाई नहीं है बाहरी लोग पार्टी में घुस गए हैं ऐसे में बाहरी लोग पार्टी की रीति नीति नहीं जानते। पार्टी के नेताओं ने दावा किया की 2027 और 26 में होने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी संगठन मजबूती से लड़ पाएगा यह भी कहना मुश्किल है। क्योंकि जो बड़े नेता हैं उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है उनको गुटबाजी का शिकार बनाकर कहीं ना कहीं घर पर बैठा दिया है। भाजपा जिला अध्यक्ष महेंद्र सैनी देवबंद के ही निवासी हैं और उनके ही क्षेत्र में 14% मतदाता कट जाता है सूची से वोटर लिस्ट से नाम है जाता है और उन्हें जरा भी जानकारी नहीं होती ऐसा होना संभव नहीं है। आंकड़ों पर गौर करें तो यह वही संगठन है 2024 के लोकसभा चुनाव में जिस संगठन के नेता अपने घरों पर बैठे रहे। पार्टी के झंडे आए तो वह भी घरों में रखे गए पार्टी की सामग्री आई तो वह भी घर पर पड़ी रही जो पार्टी के कार्यक्रम और लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया थी उससे दूरी बनाकर रख रहे। सहारनपुर लोकसभा के दौरान समीक्षा बैठक में तो कार्यकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाए थे कि चुनाव सामग्री तक पार्टी के अध्यक्षों के घरों पर ही पड़ी रही उन्होंने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यहां तक की योगी आदित्यनाथ ने खुद एक बैठक में कहा था कि सहारनपुर में लोकसभा चुनाव के दौरान 150 मतदान केंद्र ऐसे थे जहां पर भाजपा के एजेंट ही नहीं थे। पार्टी के कुछ बड़े नेता दबी जुबान में रहते हैं कि जब नेताओं को परचेन निष्कासित कराने, संवैधानिक चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की आदत पड़ जाती है तो फिर उनका ध्यान निष्पक्षता के साथ चुनाव लड़ने पर नहीं रहता। केवल उनका ध्यान अपनी सीट को गलत तरीके से चुनाव प्रभावित करके या अन्य संसाधनों के जरिए जीतने पर रहता है। लेकिन यहां बार-बार नहीं चलता भगवान राम की पार्टी में इस प्रकार के कार्य अगर हो तो वह भी गलत है। कार्यकर्ता कहते हैं कि प्रभु श्री राम कहते हैं की मर्यादा ही सबसे बड़ी इंसान की पहचान है अगर उसकी कोई तोड़ता है तो वह खुद भी उसका भोगी होता है। अपने पिता के एक वचन की खातिर भगवान श्री राम ने 14 वर्ष का वनवास काटा और हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलने को काम किया इसी वजह से उन्हें भगवान श्री राम कहा जाता है।

 

रिपोर्ट प्रशांत त्यागी

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