*गली गली में शोर है प्रधान जी का जोर है……*
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गांव-गांव गली-गली में दिखने लगा चुनावी माहौल

*गली गली में शोर है प्रधान जी का जोर है……*
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव गांव-गांव गली-गली में दिखने लगा चुनावी माहौल
प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए जमकर लगा रहे हैं जोर
निष्पक्ष खबर ब्यूरो, सहारनपुर।
अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर गांव की राजनीति का तापमान धीरे-धीरे सर्दी के साथ बढ़ता नजर आ रहा है। चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशी मतदाताओं रिझाने में लगें हैं। कुछ गांव में तो चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों ने दावतें तक देनी शुरू कर दी है।
अगले वर्ष अप्रैल माह तक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समाप्त हो जाएंगे। चुनाव होने में अभी 6 महीने बचे है, लेकिन गांव-गांव चुनावी माहौल नजर आने लगा है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जहां जिला पंचायत के संभावित प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पहले में लाने के लिए वादे इरादे और प्रलोभन दे रहे हैं तो वहीं ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी तो इससे भी एक कदम आगे हैं। दीपावली के पर्व पर कुछ प्रत्याशियों ने तो अपने मतदाताओं को रिझाने के लिए घर-घर मिठाइयां तक बांटी है। कहा जाता है कि गांव की प्रधानी का चुनाव विधायक और संसद के चुनाव से अत्यधिक कठिन और चुनौती पूर्ण होता है। बात करते हैं सहारनपुर की यहां लगभग 884 ग्राम पंचायत हैं जिम इस बार मतदाता ग्राम प्रधान चुनेंगे। वर्तमान प्रधान जहां फिर से चुनाव जीतने की तैयारी कर रहे हैं तो विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं संभावित प्रत्याशी वर्तमान प्रधान के कार्यों पर उंगली उठा रहे हैं और गांव के लोगों से खुद के लिए मौका मांग रहे हैं देखा जाए प्रधानी का चुनाव विधानसभा और लोकसभा चुनाव को भी पीछे छोड़ रहा है। अब देखना है कि अप्रैल में होने वाले चुनाव में सहारनपुर की राजनीति कैसे गर्माती है यह आने वाला व्यक्ति बताया।
प्रशांत त्यागी



