तो बजाज शुगर मिल के 55 हजार अन्नदाताओ पर आया आर्थिक संकट, कैसे मना पायेंगे दीवाली…..?
बजाज शुगर मिल द्वारा चार माह से नहीं दिया गया किसानों का गन्ना भुगतान

तो बजाज शुगर मिल के 55 हजार अन्नदाताओ पर आया आर्थिक संकट, कैसे मना पायेंगे दीवाली…..?
बजाज शुगर मिल द्वारा चार माह से नहीं दिया गया किसानों का गन्ना भुगतान

प्रशांत त्यागी, देवबंद।
नागल की बजाज शुगर मिल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 55 हजार किसान परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। जिसके पीछे मुख्य वजह है गन्ना मिल द्वारा पेराई सत्र के दौरान महज कुछ ही गन्ना भुगतान करना। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गन्ना भुगतान कराने की गुहार लगाई है।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में शुगर बाउल के नाम से विख्यात तहसील क्षेत्र की बजाज शुगर मिल के अंतर्गत आने वाले 55 हजार किसान परिवार अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि बजाज शुगर मिल द्वारा इस वर्ष के पेराई सत्र का मात्र कुछ दिनों का ही गन्ना भुगतान किया गया है। मिल द्वारा किए गए भुगतान को भी गन्ना सोसायटी अपने द्वारा दिए गए खाद व रासायनिक पदार्थों के खर्च में काट चुकी। जिसके चलते वह पिछले चार माह से गन्ना मिल की ओर भुगतान के लिए आस जगाए बैठे हैं। ऐसी स्थिति में उनके सामने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो चला है।
गौरतलब हो कि नागल की बजाज शुगर मिल पर 55 हजार किसानों का लगभग सैकड़ो करोड रुपए बकाया गन्ना भुगतान बाकी है। सरकार की सख्ती के बावजूद भी उक्त चीनी मिल किसानों को समय पर गन्ना भुगतान नहीं कर पा रही है जिसके चलते क्षेत्र के किसानों में भारी रोष बना हुआ है।
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*गरीब किसानों के लिए स्वयं जुटा रहे हैं राशन*
गन्ना भुगतान की मार और पेट की भूख ने किसानों की कमर तोड़ कर रख रखी है । सरकार ने भले ही ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में गरीब और मजदूरों के लिए फ्री राशन बटवा दिया हो । लेकिन क्षेत्र के गांव में कुछ ऐसे किसान हैं जिनके घरों में खाने के लिए अन का दाना भी नहीं है। हालांकि आसपास के किसानों द्वारा गेहूं व राशन की सामग्री एकत्रित कर ऐसे गरीब किसानों की मदद की जा रही है।
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गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए बजाज शुगर मिल को पत्र जारी किया गया है । शासन के आदेश अनुसार भुगतान न होने की स्थिति में मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*युवराज सिंह, एसडीएम देवबंद*
प्रशांत त्यागी




