
*अफ़ग़ानिस्तान सरकार के विदेश मंत्री ने मौलाना अरशद मदनी से की मुलाकात*
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को लेकर की चर्चा

दारुल उलूम के मौत में से भी मिले अमीर खान मुतकी
भास्कर ब्यूरो, देवबंद।
शनिवार को देवबंद पहुंचे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुतकी ने जमीयत उलेमा हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से भी मुलाकात की। देवबंद के दारुल उलूम में पहुंचने पर मौलाना अरशद मदनी ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार के विदेश मंत्री को गले लगा कर स्वागत किया। दोनों के बीच करीब आधे से पूर्ण घंटा तक बातचीत हुई पता जाता है कि इस दौरान इस्लामी शिक्षा और भारत अफगानिस्तान के बीच रिश्तो को और गहरा करने पर भी चर्चा की गई। क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान सरकार के विदेश मंत्री का भारत दौरा और देवबंद आना राजनीतिक लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है। जिस प्रकार से इस समय अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है और पाकिस्तान वायु सेना के अफगानिस्तान के क्षेत्र में हवाई हमले से वह पाकिस्तान पर आग बबूला है, और इसी दौरान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री का भारत दौरा राजनीतिक दृश्य से बड़ा ही कूटनीतिक हो जाता है। क्योंकि भारत सरकार अफगानिस्तान से चाहती है कि वह अपनी धरती भारत के खिलाफ आतंकवाद के रूप में इस्तेमाल न होने दे तो वहीं इसके एवज में भारत सरकार भी अफगानिस्तान की दिल खोलकर इस समय मदद कर रही है। हालांकि मौलाना अरशद मदनी की बात करें तो उनके केंद्र की भाजपा सरकार से कोई अच्छे संबंध नहीं माने जाने है। लेकिन अफगानिस्तान के विदेश मंत्री और मौलाना अरशद मदनी के बीच आपसी बातचीत भविष्य के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।
अफगानिस्तान भी भली-भांति जानता है। अरशद मदनी से अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की मुलाकात इस्लामी लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्योंकि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने मुलाकात के दौरान सबसे पहले दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी से भी मुलाकात की और उनसे शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए इस्लामिक रीति रिवाज से अनुमति भी ली।
प्रशांत त्यागी




