415 रुपए प्रति कुंतल गन्ने का भाव देने वाला हरियाणा बना भारत का सबसे पहला राज्य
आखिर उत्तर प्रदेश में पिछले 3 वर्ष से क्यों नहीं बढ़ पाया गन्ने का भाव?

415 रुपए प्रति कुंतल गन्ने का भाव देने वाला हरियाणा बना भारत का सबसे पहला राज्य
आखिर उत्तर प्रदेश में पिछले 3 वर्ष से क्यों नहीं बढ़ पाया गन्ने का भाव?

किसान बोले योगी जी अबकी बार हमें चाहिए 450 रुपए पार गन्ने का भाव
निष्पक्ष खबर, हरियाणा।
दीपावली के पावन पर्व पर हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए खुशियों की झोली खोल दी है। हरियाणा सरकार ने गन्ने की अगेती प्रजाति का भाव ₹400 से बढ़कर 415 रुपए और पिछेती किशन की गन्ने की प्रजाति का भाव 393 से बड़ा कर 408 रुपए प्रति कुंतल घोषित किया है। गन्ने का भाव घोषित करते ही हरियाणा भारत का सबसे बड़ा ऐसा राज्य बन गया है जहां पर गाने का भाव किसानों को सबसे ज्यादा दिया जा रहा है। इसके उलट उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसानों के गन्ने का भाव पिछले 3 साल से नहीं बढ़ाया है। हरियाणा में जब से नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा सरकार आई है तब से किस क्षेत्र में जिस प्रकार से अभूतपूर्व कार्य हुए हैं वह सराहनीय और अकल्पनीय और विश्वसनीय हैं। क्योंकि जिस प्रकार से हरियाणा सरकार किसानों की बेहतरीन के लिए काम कर रही है वहां किसान आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। जबकि उत्तर प्रदेश का पश्चिमी इलाका शुगर बाउल कहा जाता है लेकिन इस प्रकार से यहां 3 वर्ष से गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ा है उसे यहां के किसानों में भारी नाराजगी बनी हुई है। किसान नेताओं का कहना है कि इस बार अगर सरकार ने ₹450 प्रति कुंतल गन्ने का भाव घोषित नहीं किया तो इस बार आर पार की जंग होगी। जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश में खाद और यूरिया का संकट आया था उससे भी किसानों में सरकार के प्रति कहीं ना कहीं नाराजगी बनी हुई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अब उत्तर प्रदेश सरकार को हिंदुत्व एजेंडा के अलावा किसान कृषि और युवाओं के क्षेत्र में भी कार्य करने होंगे। अगर किसानों की समस्याओं को सरकार जमीनी स्तर पर समाप्त नहीं कर पाई तो आने वाला समय भाजपा के लिए बड़ा दुखद होने वाला है। अब उत्तर प्रदेश के किस भी बोल रहे हैं कि योगी जी उत्तर प्रदेश में इस बार गन्ने की फसल का भाव क्या घोषित होने वाला है यह हर किसान सोच रहा है?
रिपोर्ट प्रऔशांत त्यागी



